
जीवंत हो उठी विविधता में एकता की परिकल्पना
समारोह में सांस्कृतिक
प्रस्तुतियां ने एक भारत-नेक भारत और विविधिता में एकता की परिकल्पना जीवंत सी हो उठी। कलाकारों ने राजस्थान घूमर, हरियाणा घूमर, पश्चिम बंगाल के पुरूलिया छाड़, गुजरात के राठवा, भरतपुर के मयूर नृत्य, जयपुर के कच्छीघोड़ी तथा मणिपुर के कठपुतली लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। मैदान में एक साथ नृत्य करते यह कलाकार भारत की अनेकता में एकता और वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा को मूर्त रूप देते से नजर आए। इसके पश्चात स्कूली बच्चों ने देश भक्ति गीतों पर सुंदर प्रस्तुतियां देकर सभी में उत्साह और जोश का संचार किया।

घुड़सवारी शो ने जगाया साहस और शौर्यः
समारोह के दौरान राजस्थान पुलिस की घुड़सवारी विंग ने एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता उपाधीक्षक जितेंद्रसिंह के नेतृत्व में घुड़सवारी का अद्भूत प्रदर्शन किया। तेज रफ्तार से दौड़ते घोड़ों पर सवार होकर तलवार और भाले के साथ प्रदर्शन और छलांग लगाकर बाधाएं पार करने की साहस और शौर्य से परिपूर्ण इस प्रस्तुति ने अतिथियों और दर्शकों को रोमांचित किया।

झांकियों में दिखी सांस्कृतिक गौरव और आपणो अग्रणी राजस्थान की झलक
गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदर्शित झांकियां ने ने राजस्थान के सांस्कृतिक गौरव और विकसित भारत के संकल्प के साथ कदमताल करते आपणो अग्रणी राजस्थान का भी दिग्दर्शन कराया। इसमें सर्वप्रथम उद्योग, वाणिज्य एवं बीआईपी विभाग की ओर से राइजिंग राजस्थान थीम का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें राज्य में हुए निवेश प्रस्तावों का चित्रण करते हुए आने वाले समय में प्रदेश में निवेश और रोजगार के बढ़ते अवसरों को दर्शाया गया। पंचायतीराज विभाग मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तहत हो रहे कार्यों तथा उसके प्रभावों को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग ने राजस्थान में तेजी से फैलती डिजिटल क्रांति को प्रदर्शित किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने टीबी हारेगा, देश जीतेगा तथा म्हारे गांव, टीबी ना पसारे पांव थीम पर जीवंत झांकी प्रदर्शित कर देश व प्रदेश को टीबी मुक्त करने के संकल्प को दर्शाया। कृषि एवं कृषि विपणन विभाग ने समन्वित कृषि प्रणाली एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया। वहीं पर्यटन विभाग ने भारत की शान राजस्थान थीम पर प्रदेश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरवों को प्रदर्शित करते हुए पधारो म्हारे देश का संदेश प्रतिध्वनित किया। जयपुर जिले की झांकी में पंच गौरव, कोटा जिले ने कामयाब कोटा, बीकानेर जिले ने सोलर पार्क, हैरिटेज वॉक तथा एक पेड़ माँ के नाम, बांसवाड़ा ने आदिवासी धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलः मानगढ़ धाम, अरथूना मंदिर, चित्तौड़गढ़ ने भक्ति, शक्ति और त्याग की त्रिवेणी चित्तौडगढ़ की मनमोहक जीवंत झांकी प्रस्तुत की। डूंगरपुर जिले की झांकी में आदिम संस्कृति और विरासत का संगम दर्शाते हुए गेर नृत्य, देवसोमनाथ शिवालय, बेणेश्वर धाम, एक थम्बिया महल को प्रदर्शित किया। प्रतापगढ़ जिले ने कांठल आस्था और प्रकृति का संगम थीम पर सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य, गौतमेश्वर शिवालय, स्वतंत्रता सैनानियों, मांडना व थेवा कला को समाहित करते हुए आकर्षक झांकी प्रस्तुत की। राजसमंद जिले ने स्वच्छता का संदेश देते हुए स्वच्छता का 4 पी मॉडल को प्रदर्शित किया। सलूम्बर जिले की झांकी में हाडारानी का बलिदान, महाराणा प्रताप का शौर्य, मां ईडाणा की आस्था एवं जयसमंद झील को प्रदर्शित किया गया। अंत में उदयपुर जिले की झांकी में उदयपुर को उभरते हुए डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया।
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