
ज्ञापन में कहा कि चारागाह भूमि पर लगने वाले विद्युत अपग्रेड स्टेशन से वहां पर स्थित खेतीबाड़ी सहित पशुओं को चराने व घास खिलाने के लिए उपयोग करते है। कस्बे में यही एक मात्र पशु चरने की भूमि है जिसके पास ही तालाब स्थित है एवं उक्त तालाब को राज्य सरकार द्वारा बर्ड विलेज के नाम से संरक्षित रखा गया है जिसमे विदेशी रंग बिरंगे पक्षियों का आवागमन रहता है एवं यही पर निवास करते है। विद्युत अपग्रेड स्टेशन लगने से पक्षियों का आवागमन भी बंद हो जाएगा एवं गांव में जो पशु है उनके चरने की भूमि भी नहीं रहेगी। साथ ही कस्बे के पास ही मेनार गांव स्थित है जो बर्ड विलेज के नाम से विख्यात है एवं वेटलैंड की श्रेणी में आता है। विद्युत अपग्रेड स्टेशन जहां पर लग रहा है वो खेरोदा मेनार एवं रुंडेडा
जाने वाला मुख्य मार्ग है एवं ग्रामीणों का आवागमन भी लगा रहता है। उक्त चारागाह भूमि खेरोदा उप तहसीलदार कार्यालय के लिए भी स्वीकृति है। चारागाह भूमि के पास में ही रामाखेड़ा व राजपूत समाज का तालाब है जहां गांव के पशु पानी पीने का मुख्य सहारा भी है जिससे विद्युत अपग्रेड स्टेशन स्थापित होने से यहां पर हानि होगी इसलिए ग्रामीणों की जिला कलेक्टर,क्षेत्रीय विधायक उदय लाल डांगी,चितौड़ सांसद सीपी जोशी सहित मंत्री एवं आला अधिकारियों से विद्युत अपग्रेड स्टेशन हटाने की मांग की है। इस अवसर पर ज्ञापन देते समय संघर्ष समिति के सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
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