
ज्ञापन देने जाते समय ग्रामीणों ने प्रदर्शन एवं नारेबाजी करके कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में कहा कि चारागाह भूमि पर लगने वाले 765 विद्युत अपग्रेड स्टेशन से वहां पर स्थित खेतीबाड़ी सहित पशुओं को चराने व घास खिलाने के लिए उपयोग करते है जो यही एक मात्र पशु चरने की भूमि है। साथ ही पास ही में तालाब भी स्थित है एवं उक्त तालाब को राज्य सरकार द्वारा बर्ड विलेज के नाम से संरक्षित रखा गया है जिसमे विदेशी रंग बिरंगे पक्षियों का आवागमन रहता है एवं यही पर निवास करते है।
विद्युत अपग्रेड स्टेशन लगने से पक्षियों का आवागमन भी बंद हो जाएगा एवं गांव में जो पशु है उनके चरने की भूमि भी नहीं रहेगी। साथ ही कस्बे के पास ही मेनार गांव स्थित है जो बर्ड विलेज के नाम से विख्यात है एवं वेटलैंड की श्रेणी में आता है। विद्युत अपग्रेड स्टेशन जहां पर लग रहा है वो खेरोदा मेनार एवं रुंदेड़ा जाने वाला मुख्य मार्ग है एवं ग्रामीणों का आवागमन भी लगा रहता है। उक्त चारागाह भूमि खेरोदा उप तहसीलदार कार्यालय के लिए भी स्वीकृति है। चारागाह भूमि के पास में ही रामाखेड़ा व राजपूत समाज का तालाब है जहां गांव के पशु पानी पीने का मुख्य सहारा भी है जिससे विद्युत अपग्रेड स्टेशन स्थापित होने से यहां पर हानि होगी। इस अवसर पर ज्ञापन देते समय संघर्ष समिति के सदस्य सरपंच प्रतिनिधि रवि गर्ग,पूर्व सरपंच दिनेश पटेल,पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुनील कूकडा,पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष भेरू लाल पाराशर, मोड सिंह राठौड़,लक्ष्मी लाल जाट,उप सरपंच खेरोदा लक्ष्मीलाल जनवा,पूर्व उप सरपंच दिनेश बडाला काका,किसान नेता छगन लाल जाट,रतन लाल मेनारिया,अकबर खान,अरविंद बडाला,गोपाल मेनारिया,लाल चंद जाट,श्रीमती रमिला लोहार,शंकर लाल समालोत,जगदीश जाट, बाबरू लाल पुष्करणा,लक्ष्मण लाल देवड़ा,नानालाल प्रजापत सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
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