ऐसे काम करेगा कॉल सेंटर
योजना के तहत जयपुर स्थित राजस्थान राज्य पशुधन प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान में कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। पशुपालकों को अपने पशु के बीमार होने पर हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल कर पशुपालक का नाम, ग्राम, पशु एवं रोग के लक्षण आदि की जानकारी देनी होगी। कॉल सेंटर पर नियुक्त कार्मिक उक्त जानकारी को सिस्टम में दर्ज कर पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार टिकट जनरेट करेगा। इसकी सूचना पशुपालक तथा संबंधित क्षेत्र की मोबाइल वेटरनरी यूनिट के चिकित्सक के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। साथ ही चिकित्सक के मोबाइल एप्पीकेशन पर भी प्रदर्शित होगी। पशु चिकित्सक, पैरा वेट (पशु कम्पाउंडर) तथा चालक कम हेल्पर मोबाइल वेटरनरी यूनिट वाहन के साथ पशु चिकित्सक के घर पहुंच कर बीमार पशु का उपचार करेंगे।
उदयपुर में 27 मोबाइल वेटरनरी यूनिट
संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ शरद अरोड़ा ने बताया कि सरकार की ओर से प्रति एक लाख पशुधन पर एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट का प्रावधान किया है। इसके अनुसार उदयपुर जिले में 27 मोबाइल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं। मोबाइल यूनिट का लोकार्पण फरवरी 2024 में हुआ। अब तक यह यूनिट प्रतिदिन दो गांवों में शिविर लगाकर पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही थी, लेकिन अब कॉल सेंटर सेवा के आधार पर घर-घर पहुंच कर बीमार पशुओं का उपचार किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने पशुपालकों से की अपील
कॉल सेंटर के शुभारंभ अवसर पर जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने पशुपालकों का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के लिए बहुत अच्छी पहल की है। उन्होंने कहा कि एक पशु पालक के लिए उसका पशु परिवार के सदस्य के समान होता है। पशु के बीमार होने पर उसकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। कॉल सेंटर सुविधा से पशुपालकों को घर बैठे बीमार पशुओं के उपचार की सुविधा मुहैया होगी। पशुपालक जागरूक रहकर इसका लाभ उठाएं। जिला प्रमुख ममता कुंवर ने भी सरकार की इस पहल को स्वागत योग्य बताते हुए पशुपालकों को इससे लाभान्वित होने का आह्वान किया। प्रारंभ में संयुक्त निदेशक पशु पालन डॉ शरद अरोड़ा ने जिला कलक्टर व जिला प्रमुख का पगडी पहनाकर स्वागत किया। जिला कलक्टर व जिला प्रमुख ने परिसर में पौधरोपण भी किया। उपनिदेशक डॉ सुरेंद्र छंगाणी ने सहित विभागीय अधिकारी, चिकित्सक, पशुपालक तथा प्रशिक्षु विद्यार्थी उपस्थित रहे।