शिक्षक दिवस विशेष:सेवानिवृती के बाद भी चौबीसा ने जारी रखा सेवा कार्य

भीण्डर,मेवाड़ी खबर। जयदीप चौबीसा।उदयपुर जिले के भीण्डर निवासी पुरुषोत्तम लाल चौबीसा जो राजकीय सेवानिवृति के बाद भी पुनःसरकारी विद्यालय में अपनी निशुल्क सेवाए विगत 8 वर्षों से दे रहे है। 2016 से आज तक महात्मा गांधी अग्रेजी माध्यम विद्यालय भीाण्डर में निशुल्क शिक्षक के रुप में अपनी सेवाऐं दे रहे है। चौबीसा ने अपनी राजकीय सेवाएं 38 वर्ष 24 दिन दिन तक शिक्षक के रूप में भीण्डर तथा धरियावद ब्लॉक के विभिन्न राजकीय स्कूलों में अपनी सेवाऐं दी है। चौबीसा ने विगत 18 वर्ष तक प्रारम्भिक शिक्षा का अध्यापन कार्य करवाया जिसमें प्रारम्भिक शिक्षा को सर्व सुलभ करने हेतु विद्यालय छोड़कर जाने वाले बालकों को विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया उसमे शत प्रतिशत सफलता मिली। प्राथमिक शिक्षा के निर्धन छात्र जो विद्यालय में प्रवेश नहीं ले पा रहे थे उनको भामाशाह के द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान कर विद्यालय से छात्रों को जोड़ा गया। चौबीसा स्काउटर रहते हुए जीवन में स्वअनुशासन को अपनाते हुए अधिक से अधिक छात्रों को अपने जीवन में अनुशासन का मूल मंत्र का अपनाने का अत्यधिक प्रयाास किया। स्काउट की एल.ए स्तर की सभी गतिविधियों को सफलता पूर्वक सम्पादित कर भैरव स्कूल से अपने सेवा काल में 45 छात्र राष्ट्रपति पदक व 57 छात्र राज्यपाल पदक प्रदान कराने का श्रेय ही चौबीसा को ही है।

स्काउट सहित विभिन्न क्षेंत्रों में मिले अवार्डः-
पुरुषोत्तम लाल चौबीसा को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटील द्वारा वर्ष 5 सितम्बर 2011 को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान एवं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान 5 सितम्बर 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रदान किया गया। वन व पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से संचालित ईको क्लब कार्यक्रम को श्रेष्ठ सम्पादन से उदयपुर जिले में प्रथम स्थान हेतु तत्कालीन गृहमंत्री गुलाब चन्द्र कटारिया द्वारा अभिनन्दन पत्र 15 अगस्त 2008 मिला रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा प्राणी मात्र की निस्वार्थ सेवा हेतु अभिन्नदन 5 सितम्बर 2008 से सम्मानित हुए। भैरव राजकीय उच्च माध्यमिक,भीण्डर विद्यालय में साज सजा कक्षा-कक्ष निर्माण सरस्वती निर्माण विद्यालय खेल मैदान समतलीकरण आदी कार्यों में भामाशाहो के माध्यम से करवाये गये व भीण्डर निवासी सुखलाल साहू 9 मई 2008 को राज्य भामाशाह सम्मान राजस्थान सरकार ने प्रदान किया उसके प्रेरक चौबीसा ही है।

राजकीय सेवानिवृती के बाद भी जारी रखा पढाने का कार्यः-
चौबीसा दिसम्बर 2015 को राजकीय सेवा से सेवानिवृती के बाद भी घर पर नहीं बैठकर विघार्थियों के हित में सोचते हुए उन्होने एक संकल्प लेकर संस्कारित शिक्षा का उद्देश्य लेकर विगत 8 वर्षों से महात्मा गांधी अग्रेजी माध्यम विद्यालय भीण्डर में निशुल्क सेवाऐं शत प्रतिशत परिणाम के साथ दे रहे है। तथा नगर की सामाजिक सेवाओ के साथ मिलकर सेवाऐ प्रदान कर रहे है।

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