राष्ट्रीय महामंत्री के.के. शर्मा ने समारोह को संबोधित करते हुए राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में विप्र बंधुओ की सक्रियता पर जोर दिया। शर्मा ने कहा की वल्लभनगर विधानसभा ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र है। राजनीति के क्षेत्र में हमेशा विप्रवर की मदद करने के लिए तैयार खड़े रहे। उन्होंने कहा की विप्रवर चाहे किसी भी पार्टी से हो हमेशा विप्रवर की मदद करो। विप्रवर की मदद करने से हमें निश्चित सफलता मिलेगी। राजनीति के अंदर हमें बने रहना है तो हमेशा विप्रवर की मदद करो। राजनीति में सोच को बदलकर विप्र बंधुओ की मदद करो। इससे हमारा समाज व संगठन निरंतर आगे बढ़ेगा। इसके साथ विप्र फाउंडेशन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गढ़ मंगरी उदयपुर में विप्र समाज द्वारा कॉलेज खोला गया है जिसमें समाज के बच्चों को ज्यादा से ज्यादा भविष्य को ज्यादा से ज्यादा भेजना है ताकि विप्र समाज के बच्चे आईएएस, आरएएस, आरजेएस, डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य पदों पर सफलता प्राप्त कर सकें। विप्रजन का अपने माता पिता, परिजन व गांव का नाम रोशन कर सकें। विप्र फाउंडेशन की जिला स्तर, प्रदेश स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर की जो नवनियुक्त कार्यकारिणी घोषित हुई है। वह कार्यकारिणी विप्र समाज के लिए हर समय तत्पर रहेगी। विप्र समाज के लिए हर समस्याओं के निस्तारण हेतु हर संभव प्रयास करेगी।

सम्मान समारोह में विजयपुरा के पन्नालाल मेनारिया के विजयपुर, चित्तौड़गढ़ में थानाधिकारी बनने, क्षेत्रीय वन अधिकारी ब्लॉक भींडर कैलाश मेनारिया, रोशन गोपावत खरसान का यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडगरी को भोजन परोसने, जिला महासचिव प्रेमशंकर रामावत, पत्रकार छगन मेनारिया, हेमन्त आमेटा, चेतन व्यास, सुरेश चंद्र मेनारिया, जयदीप चौबीसा, अनिल चौबीसा का मोटडा पहनाकर स्वागत किया गया।
समारोह में शहर अध्यक्ष राजकुमार मेनारिया, हिम्मत लाल नागदा, त्रिभुवन व्यास, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष गणेशलाल नागदा, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष विद्या शर्मा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश संरक्षक कुसुम शर्मा, अर्चना शर्मा का भी स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर जिला महासचिव प्रेम शंकर रामावत एवं तहसील महामंत्री डालचंद नागदा द्वारा सभी विप्रवरो का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के खरसान, मेनार, रुंडेड़ा, भटेवर, बाठरड़ा खुर्द, भींडर, कानोड़, विजयपुरा, वाना, खेरोदा, नवानिया, मावली, इंटाली, केदारिया, बामनिया, उदयपुर सहित अन्य गांवो से बड़ी तादाद में समाजजन मौजूद रहे।

