मेनार पशुमेला परवान पर, ग्रामीण लुफ़्त उठाने उमड़ पड़े, झूले व नाइट कार्यक्रम का ग्रामीणों ने उठाया आनंद

मेवाड़ी खबर@वल्लभनगर ग्राम पंचायत मेनार द्वारा धण्ड तालाब के सामने हिरोला की छापर, मेला प्रांगण में आयोजित 26वें विशाल श्री अम्बामाताजी विशाल पशुमेले की रंगत परवान पर है। मेले में खरीदारों व मेलार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। आठ दिवसीय पशुमेले में मेलार्थियों की भीड़ को देखते हुए ग्राम पंचायत ने मेले को दो दिन का ओर बढ़ा दिया है। अब मेले का समापन 31 अक्टूबर के बजाय 3 नवंबर को होगा। मेला कला, संस्कृति, पशुपालन और पर्यटन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस मेले में लोक कला और ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने के लिए दूर-दराज सहित आसपास के ग्रामीण आते हैं, इसलिए जिला प्रशासन द्वारा भी पशुपालकों की आय बढ़ाने एवं पशुपालन को रोजगार की श्रेणी में लाने के लिए पशुमेले की कवायद की जाती है।

मेला पशु पालक को अपने पशु को बेचने के लिए एक बृहद प्लेटफार्म मुहैया कराता है। जहां पर बड़ी संख्या में लोग दाम लगाते हैं। जिससे वह अपने पशु को अच्छे दामों में बेंच पाता है। वहीं खरीदार को भी अनेको पशुओं के बीच अच्छा पशु मिल जाता है। इससे खरीदार और विक्रेता दोनों को फायदा होता है। पशुओं की देखभाल स्वास्थ्य संबंधी कृषि उपकरणों की खरीदारी की सुविधा रोजगार के अवसर प्राप्तकर पशुओं की देखभाल, खाद्य विक्रय सामाजिक एकता मेले में ग्रामीणों को एक दूसरे से मिलने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मेले में ग्रामीण संस्कृति का संरक्षण और प्रदर्शन होता है। मेले से विदेशी पर्यटकों को देश की ग्रामीण सभ्यता और संस्कृति को जानने का मौका मिलता है।
सरपंच और मेला अधिकारी प्रमोद कुमार नंगारसी, ग्राम विकास अधिकारी प्रभूलाल यादव, उपसरपंच मंगीलाल सिंगावत ने बताया कि बुधवार को मेले में मनिहारी, पशुओं के श्रृंगार, बर्तन आदि की खूब खरीदारी हुई। डॉलर चकरी झूले, मौत का कुआं आदि का ग्रामीण लुत्फ उठा रहे हैं। मेलार्थियों के मनोरंजन हेतु 5 दिन तक आर्केस्ट्रा नाइट कार्यक्रम व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार, बुधवार रात्रि को म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आर्केस्ट्रा बॉलीवुड नाइट में दर्शकों का हुजूम उमड़ा। कलाकारों ने आर्केस्ट्रा नाइट कार्यक्रम में फिल्मी गीतों पर जमकर नृत्य किया। वहीं फिल्मी डायलॉग पर लोगों को खूब हंसाया। बुधवार को मेले में पशुओं के क्रय-विक्रय का कार्य अच्छा चला। नारायणलाल दियावत ने बताया कि बुधवार को मेले में 8 भैंसो का विक्रय हुआ है। जिसमें शंकरलाल लोहार भींडर से 1 लाख 11 हज़ार रुपये में मुर्रा नस्ल की भैंस भेरुलाल अहीर कलवल ने क्रय की।
इधर देर रात्रि तक मेलार्थियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। साथ ही धनतेरस, रूप चौदस और दीपावली का पर्व को देखते हुए महिलाओं ने खरीदारी की। किसानों ने पशुओं के लिए श्रृंगार सामग्री सहित बेड़े, टोकर, मोरे की खरीदारी की। बच्चों ने ब्रेक डांस, मिकी माउस और सर्कस का आनंद लिया। आर्केस्ट्रा नाइट कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों का ग्राम पंचायत द्वारा स्वागत किया। इस दौरान सचिव प्रभूलाल यादव, सरपंच प्रमोद कुमार, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, वार्ड पंच दयाल लुणावत, प्रेम पांचावत, हुक्मीचंद सुथार, शंकरलाल मेरावत, विक्रम सुथार, प्रतिनिधि अम्बालाल रूपावत, जीवन दावोत, राजकुमार कानावत, नारायणलाल दियावत सहित ग्रामीण मौजूद रहे।

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