
समापन समारोह कार्यक्रम की पशु चिकित्सा अधिकारी मेनार डॉ. सुमन मीणा, दरोली पशु चिकित्सक डॉ. विकास मीणा, पूर्व सरपंच मेनार ओंकारलाल भलावत, विजयलाल एकलिंगदासोत, मांगीलाल लुणावत, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, सरपंच प्रमोद कुमार ढोली, व्यापारी मदन बंजारा, शंकरलाल मेरावत, मांगीलाल मेरावत, सचिव प्रभूलाल यादव, लख्मीचंद मेनारिया, वार्ड पंच प्रेम पांचावत, विक्रम सुथार थे। ग्राम पंचायत द्वारा सभी अतिथियों का मोटड़ा, उपरणा पहनाकर स्वागत किया गया। मेले में आये व्यापारी खाने-पीने, पशुओं, वाहन पार्किंग, पोस्टर, बैनर, लाइट, डेकोरेशन, साउंड सिस्टम, पानी की व्यवस्था देने वाले का भी स्वागत किया गया तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पूर्व सरपंच ओंकारलाल भलावत ने कहा कि समय समय पर इस तरह के मेले लगने चाहिए, जो गांवो के लोगो को जोड़ कर रखती है। शहरों में मेले लगते है तो प्रशासन, पुलिस प्रशासन को भारी मुस्तेदी कार्य करना पड़ता है, लेकिन मेनार मेले में ग्राम पंचायत एव यहाँ के लोग मेले में स्वयं मे व्यवस्था देखते है, यह तारीफे काबिल है, इसलिए पिछले 26 सालो से किसी प्रकार की कोई घटना, दुर्घटना नहीं हुई है। समापन समारोह का संचालन अम्बालाल रूपावत ने किया। मेले में खेरोदा थाने से एएसआई लक्ष्मण सिंह, बाबुलाल, नितेश, प्रदीप, कमलेश मय जाप्ता तथा पशु चिकित्सा अधिकारी मेनार डॉ. सुमन मीणा, दरोली पशु चिकित्सक डॉ. विकास मीणा, नागेंद्र सिंह, सीएचसी मेनार से दीपक मेनारिया मय टीम 24 घंटे सेवाए दी। कार्यक्रम में ग्राम विकास अधिकारी मेनार प्रभूलाल यादव, सरपंच प्रमोद कुमार, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, वार्ड पंच दयाल लुणावत, प्रेम पांचावत, शंकरलाल मेरावत, विक्रम सुथार, हुक्मीचंद सुथार, प्रतिनिधि अम्बालाल रूपावत, जीवन दावोत, राजकुमार कानावत, नारायणलाल दियावत सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
मेले में उमड़ा जनसैलाब, मेलार्थियों ने खाने के चटकारे लगाए
मेले में शनिवार, रविवार को मेलार्थियों की मनोरंजन के साधन चकरी, डोलर, जादूगर शो, वैरायटी शो के यहाँ भीड़ रही। युवतियां, युवाओं ने अपने हाथों पर नाम खुदवाए, तो महिलाओं ने घरेलू सामान खरीदे। वही मेलार्थियों की पाव-भाजी, चाट मसाला, ज्यूस सेंटर पर भीड़ पड़ी।इधर खूंटा पर्ची नारायण दियावत ने बताया कि व्यापारी शंकर लाल लोहार ने कलवल के श्री लाल अहीर को 1 लाख 21 हजार में भैंस बेची वही जगदीश बंजारा ने नवानीया के भगवती लाल गुर्जर को 1 लाख 11 हजार भैंस बेची इस प्रकार दो दिन में 12 मवेशी बीके । गोर्वधन पूजा के दिन किसानों ने भी अपने पशुओं के लिए श्रृंगार सामग्री, टोकर, बेड़े और मालाएं खरीदे। सचिव प्रभूलाल यादव, सरपंच प्रमोद कुमार ढोली ने बताया कि मेले की रंगत देखते हुए मेला दो दिन ओर बढ़ाया गया था, जिससे 31 की बजाय रविवार 3 नवंबर को मेले का समापन हुआ। ग्राम पंचायत द्वारा सीसीटीवी कैमरों एवं स्वयं मेले में हर व्यापारी के पास पहुँच कर नज़रे रखे हुए थे, और ग्राम पंचायत 24 घंटे मेले में मौजूद रही।
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