वल्लभनगर। उपखंड क्षेत्र के मेनार, बांसड़ा, महूडा, चौरवडी से भारत के चार धाम बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम की 75 दिवसीय पवित्र यात्रा कर अपने गृह गांव मेनार लौटने पर रहवासियों ने बम बम भोले, माताजी के जयकारे लगाते हुए उनका पुष्पमाला पहनाकर व पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत किया। मेनार के तीर्थयात्री शांतिलाल मेरावत ने बताया कि मेनार, बांसड़ा, महूडा, चौरवडी से चार धाम बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम यात्रा हेतु 48 तीर्थयात्रियों का जत्था 25 मई को रवाना हुआ, जो बुधवार को यात्रा कर पुनः लौटा। इस चार धाम यात्रा में मेनार से तीन तीर्थ यात्री शांतिलाल मेरावत, सीता बाई पत्नी शांतिलाल मेरावत, तुलसी बाई पत्नी रमेशचंद्र मेरावत शामिल थे, जो तीर्थयात्री बुधवार सुबह 8 बजे पुनः अपने गांव मेनार पहुँचे। जहाँ परिवार सहित स्थानीय रहवासियों ने यात्रियों का बैंड-बाजे, डीजे के साथ गांव में जुलूस निकालकर पुष्पमाला पहनाकर और श्रीफल देकर स्वागत किया।पुष्कर मेरावत ने बताया कि सुबह 8 बजे ग्रामीण ओंकारेश्वर चौक स्थित चारभुजाजी मंदिर एकत्र होकर ढोल के साथ पतवारी पहुँचे, जहाँ पंडित के सानिध्य सनातन धर्म की पवित्र आस्था पतवारी पूजन किया गया, तत्पश्चात फूल मालाओं व पुष्प वर्षा कर ग्रामीणों ने तीर्थयात्रियों का स्वागत किया और जुलूस के रूप में माँ जगदंबा के दरबार पहुँचे, जहाँ माता का आशीर्वाद लेकर ठाकुरजी मंदिर पहुँच, जगत के पालनहार ठाकुरजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया, बीच रास्ते के जगह जगह ड्रोन से फूलों की बारिश की गई। महिलाएं मंगल गीत गाती हुई एवं सर पर गंगोज धारण किए ढोल की थाप पर नाचती गीत गाती हुई चल रही थी। तत्पश्चात सभी ग्रामीण तीर्थ यात्रियों को जुलूस के रूप में घर तक पहुँचाया। जहाँ सभी को प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान तीर्थ यात्री शांतिलाल मेरावत ने कहा कि विश्व शांति के भावों को लेकर उनकी यात्रा भक्ति व आनंदमय निर्विघ्न संपन्न हुई। इसके लिए गांव के ईष्ट-मित्रों व स्वजनों की दुआओं का भी असर रहा, इसलिए उन्होनें सभी ज्ञात अज्ञात शुभचिंतकों का दिल से धन्यवाद किया। अंत में सभी को चारधाम यात्रा का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान सेकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।
