मेनार 25वे अम्बामाता आमजन व पशुमेले का हुआ समापन, समापन बाद भी मेले में रही मेलार्थियों की भीड़

वल्लभनगर।ग्राम पंचायत मेनार द्वारा ढंड तालाब के सामने हिरोला की छापर में आयोजित 25वें अम्बा माता विशाल आमजन व पशुमेले का समापन हुआ। उपखंड अधिकारी वल्लभनगर हुकम कुंवर द्वारा ध्वज उतार सरपंच, उपसरपंच को सौंपते हुए मेला समापन की घोषणा की। ग्राम पंचायत द्वारा मेले के उद्घाटन समारोह में माँ अम्बेमाताजी की स्थापना की, समापन समारोह में माताजी का विधिवत पूजन कर ढोल थाली मादल के साथ पुनः माता की तस्वीर माँ जगदम्बा दरबार में ले गए। समापन समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी वल्लभनगर हुकम कुंवर ने की, मुख्य अतिथि के रूप में तहसीलदार वल्लभनगर गजेंद्र सिंह राठौड़ थे, विशिष्ट अतिथि की श्रृंखला में पूर्व प्रधान वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत, पूर्व सरपंच मेनार ओंकारलाल भलावत, विजयलाल एकलिंगदासोत, शांतिलाल रूपावत, मांगीलाल लुणावत, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, सरपंच प्रमोद कुमार ढोली, सुरेश मेनारिया, खरसान, व्यापारी मदन बंजारा, नारायणलाल बंजारा थे। ग्राम पंचायत द्वारा सभी अतिथियों का मोटड़ा, उपरणा पहनाकर स्वागत किया गया। मेले में आये व्यापारी खाने-पीने, पशुओं, वाहन पार्किंग, पोस्टर, बैनर, लाइट, डेकोरेशन, साउंड सिस्टम, पानी की व्यवस्था देने वाले का भी स्वागत किया गया तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विकास चौबीसा भैरुनाथ लाइट डेकोरेशन, नीमड़ी की ओर से लाइटिंग की व्यवस्था रही। कार्यक्रम में सरपंच प्रमोद कुमार, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत द्वारा उपखंड अधिकारी हुकम कुंवर को मेला परिसर में बाउंड्रीवाल बनाने की मांग की। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत ने कहा कि मेले कई तरह के होते हैं, लेकिन राजस्थान के जोधपुर जिले से 26 किलोमीटर दूर खेजड़ली गांव में पेड़ों की रक्षा करने वाले बिश्नोई समुदाय के 363 शहीदों के बलिदान की याद में 1730 से हर वर्ष सितंबर में वृक्ष मेला लगता है, इसलिए हमें भी मेले के माध्यम से हमारी संस्कृति को संजोए रखना है। उपखंड अधिकारी वल्लभनगर हुकम कुंवर ने कहा कि समय समय पर इस तरह के मेले लगने चाहिए, जो गांवो के लोगो को जोड़ कर रखती है। मेनार ग्राम पंचायत द्वारा 10 दिनों तक चुनावी दौर में आचार संहिता लागू होने के बावजूद भी मेले का सफलता पूर्वक आयोजन किया। शहरों में मेले लगते है तो प्रशासन, पुलिस प्रशासन को भारी मुस्तेदी कार्य करना पड़ता है, लेकिन मेनार मेले में ग्राम पंचायत एव यहाँ के लोग मेले में स्वयं मे व्यवस्था देखते है, यह तारीफे काबिल है, इसलिए पिछले 24 सालो से किसी प्रकार की कोई घटना, दुर्घटना नहीं हुई है। साथ ही उपखंड अधिकारी ने आने वाली 25 नवंबर को ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की। कार्यक्रम में तहसीलदार गजेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच ओंकारलाल भलावत ने भी अपने विचार रखे। समापन समारोह का संचालन अम्बालाल रूपावत ने किया। मेले में 10 दिनों तक थानाधिकारी खेरोदा धनपत सिंह के नेतृत्व में कानोड़ थाने से दुधाराम जाट, भींडर से अजयलाल, बाबूलाल, वल्लभनगर से जितेंद्र व खेरोदा से रामदेव, मनोज, हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह तैनात रहे तथा पशु चिकित्सा टीम से डॉ. नवीन कुमार शर्मा व सीएचसी मेनार से मेडिकल टीम से दीपक मेनारिया ने अपनी सेवाएं दी। कार्यक्रम में ग्राम विकास अधिकारी मेनार रामदीन मीणा, सचिव उम्मेद सिंह, सरपंच प्रमोद कुमार, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, वार्ड पंच दयाल लुणावत, प्रेम पांचावत, शंकरलाल मेरावत, विक्रम सुथार, हुक्मीचंद सुथार, प्रतिनिधि अम्बालाल रूपावत, जीवन दावोत, राजकुमार कानावत, नारायणलाल दियावत, प्रकाश चंद्र लुणावत, लख्मीचंद एकलिंगदासोत सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
मेले में उमड़ा जनसैलाब,मेलार्थियों ने खाने के चटकारे लगाए:मेले में रविवार,सोमवार को मेलार्थियों की मनोरंजन के साधन चकरी, डोलर, जादूगर शो, वैरायटी शो के यहाँ भीड़ रही। युवतियां, युवाओं ने अपने हाथों पर नाम खुदवाए, तो महिलाओं ने घरेलू सामान खरीदे। वही मेलार्थियों की पाव-भाजी, चाट मसाला, ज्यूस सेंटर पर भीड़ पड़ी। सचिव रामदीन मीणा, सरपंच प्रमोद कुमार ढोली ने बताया कि मेले की रंगत देखते हुए मेला दो दिन ओर बढ़ाया गया था, जिससे 11 की बजाय मंगलवार को मेले का समापन हुआ। ग्राम पंचायत द्वारा सीसीटीवी कैमरों एवं स्वयं मेले में हर व्यापारी के पास पहुँच कर नज़रे रखे हुए थे, और ग्राम पंचायत 24 घंटे मेले में मौजूद रही।