वल्लभनगर। मेनार ब्रह्मसागर तालाब की पाल पर सैकड़ों चमगादड़ों की मौत के मामले में वन विभाग एवं पशुपालन विभाग की टीमें नज़र रखे हुए है तथा लगातार चमगादड़ों के बचाव के लिए फॉगिंग करवायी जा रही है, जिससे वन विभाग एवं पशुपालन विभाग को कई हद तक राहत मिली है एवं चमगादड़ों की मौतो पर अंकुश लगाने में सफल हुए है। इसके साथ ही राहत एवं बचाव का कार्य भी सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को पशुपालन विभाग के ड़ॉ. नवीन कुमार शर्मा एवं वन विभाग के अनुसार करीब 130 चमगादड़ों की मौत हुई। ग्रामीणों ने बताया कि ब्रह्म सागर की पाल पर आम के पेड़ों पर बसरे डाले चमगादड़ों की पिछले 5 दिनों से तापमान बढ़ने से लगातार मौतें हो रही है। अब तक चमगादड़ों के मौत आंकड़ा करीब 800 के पार पहुँच गया है। वन विभाग एवं पशुपालन विभाग 24 घंटे नज़र रखे हुए हैं और फॉगिंग कर तापमान को नियंत्रित किया जा रहा है।
सोमवार को वन विभाग के सहायक वन संरक्षक उदयपुर (एसीएफ) नरपत सिंह चौहान मेनार पहुँचे, और हालात को जाना तथा वन विभाग की टीम को लगातार आम के पेड़ो व पाल पर फॉगिंग जारी रखने के निर्देश दिए। सोमवार शाम 5.30 बजे तक मृत चमगादड़ों के पेड़ो से गिरने का क्रम जारी रहा। जिन्हें पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा हाथों-हाथ इकट्ठा कर खड्डा खोदकर आबादी से दूर निस्तारित किया जा रहा है। साथ ही चिकित्सक की टीम रात्रि में भी मेनार ही रहकर मुस्तेद है, तथा शवो का डिस्फोस कर रही है, ताकि संक्रमण एवं दुर्गंध ना फैले। भींडर रेंज वन अधिकारी कैलाश मेनारिया के नेतृत्व में वन रक्षक भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, गगन, भूरा लाल अहीर, कन्हैयालाल रावत, भानाराम आदि टीम देर शाम तक मौके पर मौजूद रही। वही पशुपालन विभाग से डॉ. नवीन कुमार शर्मा के नेतृत्व में पशुधन सहायक मनीष नागदा, अशोक कुमार कटारा, प्रवीण मैईड़ा, पशुधन परिचक कालूलाल मेघवाल आदि मौजुद रहे।
क्षेत्रीय वन अधिकारी रेंज भींडर कैलाश मेनारिया ने बताया कि जहाँ शनिवार व रविवार को चमगादड़ों के मौतो का आंकड़ा 300 से ज्यादा प्रतिदिन था। वह दो दिनों से घटकर 130 के करीब पहुंच गया। अभी 2-3 दिन तक तालाब की पाल पर पेड़ों पर फॉगिंग जारी रहेगी। 40 डिग्री तापमान होने तक फॉगिंग जारी रहेगी। अभी मेनार क्षेत्र में अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक रेकॉर्ड किया जा रहा है।