प्याऊ का पानी कुई में रिस रहा,मेनार गांव में गंदा पानी पीने को लिए मजबूर ग्रामीण ,अधिकारी बोले -जांच करते हैं

वल्लभनगर। उपखंड क्षेत्र मेनार में इन दिनों जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण गांव के लोगों को गंदा और बदबूदार पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही पुरानी धरोहर भी समाप्ति की ओर अग्रसर हो रही है। ग्रामवासियों को पीने के लिए गंदा पानी सरकारी पेयजल सप्लाई के दौरान मिल रहा है। सरकार की जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी गंदगी के ढेरों के बीच पेयजल की आपूर्ति विभाग द्वारा की जा रही हैं। जिसके कारण ग्रामीणों में जलदाय विभाग के प्रति दिनों दिन रोष बढ़ता जा रहा है।दरअसल ब्रह्म सागर की पाल के समीप मेनार से खेरोदा रोड़ पर कई वर्षों पूर्व ग्रामीणों द्वारा ग्रामीणों व पशुओं के पीने के पानी के लिए एक कुई (कुंआ) खुदवाई और कुई के समीप ही खोड़ीप के पट्टियों की पशुओं के पानी पीने के लिए प्याऊ निर्मित करवाई। कुई निर्माण पश्चात ग्रामीणों एवं मवेशियों को पीने का पानी मिलने लग गया। ग्रामीण नाथूलाल भानावत, बद्रीलाल मेरावत ने बताया कि समय के साथ ही करीब 45 से 50 वर्ष पूर्व ग्रामीणों ने कुई को जलदाय विभाग को सिपुर्द कर दी और ग्रामीणों ने कुई को वक्त सिपुर्दगी विभाग से हमेशा पानी की प्याऊ भरने का 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर इकरार भी किया कि पानी सप्लाई के दौरान प्याऊ भी भरी जाएगी। लेकिन हाल ही के कुछ वर्षों में कुई के समीप कचरों का ढेर लग गया है, कुई के पास गोबर की रोड़िया पड़ी हुई है तथा पूरा एरिया कचरों से सटा हुआ है। ग्रामीण भगवतीलाल रामावत, प्रेमशंकर रामावत, सुरेश मेरावत ने बताया कि हाल ही कुछ वर्षों पूर्व मेनार से खेरोदा सड़क निर्माण हुआ है, जिससे कुई सड़क मार्ग से नीचे रह गयी और सड़क मार्ग ऊँचाई पर हो गया, इस कारण कुई के आसपास बारिश के वक्त बरसाती पानी भरा रहता है, जो पानी रिस रिस के कुई में जाता है और वही गंदा पानी घरों में सप्लाई होता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मिट्टी का भराव कर पानी की प्याऊ ऊपर बनाया जावे, ताकि मवेशियों के लिए पानी उपलब्ध हो सके और गंदगी हो रही है उसे भी हटाया जाए।

जगदीश लखमावत, देवीलाल सुथार ने बताया कि इस कुई से टंकी में सप्लाई होकर टंकी को भरा जाता है, ततपश्चात टंकी से गांव में पानी सप्लाई होता है। जिससे गंदा और मटमैला पानी पीने से कई ग्रामीण बीमार की पड़ रहे हैं। लेकिन न तो जलदाय विभाग के अधिकारी गंदे को पानी को लेकर कोई जांच और कार्रवाई कर रहे हैं, न चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सैम्पल लेकर कार्रवाई कर रही हैं। अपनी और अपनों की जान बचाने के लिए लोग टैंकरों से पानी डलवा रहे हैं, जो महंगी रेट पर मिलता है। इसके अलावा सक्षम लोग अपने घर में आरओ लगाकर पानी पी रहे हैं या ट्रीटेड वाटर, आरओ प्लांट से ले रहे हैं और कुछ ग्रामीणों ने अपने घरों में ट्यूबवेल खुदवा दिए है। लेकिन आम और गरीब लोगों को जलदाय विभाग ने बीमार करने के पूरे बंदोबस्त कर दिए हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को गंदे पानी को ही पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं।

कुई के अंदर पीपल का पेड व झाड़ियां उगी, मीटर का किवाड़, खिड़कियां टूटी

ग्रामीण प्रेमशंकर रामावत, देवीलाल सुथार ने बताया कि कुई के अंदर पीपल और कंटीली झाड़ियां भी उग आए हैं, जिन्हें अभी कुछ दिनों पूर्व ही काटा गया। कुई की स्टार्टर वाले कमरे के किवाड़ व खिड़कियां भी टूटे हुए हैं। जहाँ कुई की दीवारें नीची होने से कई बार कुत्ते, बिल्ली अंदर गिर जाते हैं और रात भर रहने के बाद कुई में ही मर भी जाते हैं, जिन्हें पता लगने पर बाहर निकाला जाता है। ग्रामवासियों का कहना है कि कुई के पास लगभग 10 बीघा जमीन पर विलायती बबूल व कांटेदार झाड़ियों बहुत उग आई हैं जिससे सघन वन जैसा हो गया है और कचरे के ढेर लगे हुए, जिनमे भोजन की पातले तक डाली हुई है।

इनका यह कहना है कि
…… कल ही कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर जांच करवा दी जाएगी एवं लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।

परसराम बिजारणियां, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, वल्लभनगर

मौका मुआयना कर मौके से गंदगी को जल्द ही हटाया जाएगी, व जलदाय विभाग से संपर्क कर पानी की कुई की सफाई कर शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाएगा तथा पानी की प्याऊ को मौके को देखकर ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लेकर ऊपर ली जाएगी।
प्रमोद कुमार ढोली, सरपंच ग्राम पंचायत मेनार