जगदीश लखमावत, देवीलाल सुथार ने बताया कि इस कुई से टंकी में सप्लाई होकर टंकी को भरा जाता है, ततपश्चात टंकी से गांव में पानी सप्लाई होता है। जिससे गंदा और मटमैला पानी पीने से कई ग्रामीण बीमार की पड़ रहे हैं। लेकिन न तो जलदाय विभाग के अधिकारी गंदे को पानी को लेकर कोई जांच और कार्रवाई कर रहे हैं, न चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग की टीमें सैम्पल लेकर कार्रवाई कर रही हैं। अपनी और अपनों की जान बचाने के लिए लोग टैंकरों से पानी डलवा रहे हैं, जो महंगी रेट पर मिलता है। इसके अलावा सक्षम लोग अपने घर में आरओ लगाकर पानी पी रहे हैं या ट्रीटेड वाटर, आरओ प्लांट से ले रहे हैं और कुछ ग्रामीणों ने अपने घरों में ट्यूबवेल खुदवा दिए है। लेकिन आम और गरीब लोगों को जलदाय विभाग ने बीमार करने के पूरे बंदोबस्त कर दिए हैं। जिसके कारण ग्रामीणों को गंदे पानी को ही पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जलदाय विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं।

कुई के अंदर पीपल का पेड व झाड़ियां उगी, मीटर का किवाड़, खिड़कियां टूटी
ग्रामीण प्रेमशंकर रामावत, देवीलाल सुथार ने बताया कि कुई के अंदर पीपल और कंटीली झाड़ियां भी उग आए हैं, जिन्हें अभी कुछ दिनों पूर्व ही काटा गया। कुई की स्टार्टर वाले कमरे के किवाड़ व खिड़कियां भी टूटे हुए हैं। जहाँ कुई की दीवारें नीची होने से कई बार कुत्ते, बिल्ली अंदर गिर जाते हैं और रात भर रहने के बाद कुई में ही मर भी जाते हैं, जिन्हें पता लगने पर बाहर निकाला जाता है। ग्रामवासियों का कहना है कि कुई के पास लगभग 10 बीघा जमीन पर विलायती बबूल व कांटेदार झाड़ियों बहुत उग आई हैं जिससे सघन वन जैसा हो गया है और कचरे के ढेर लगे हुए, जिनमे भोजन की पातले तक डाली हुई है।

इनका यह कहना है कि
…… कल ही कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर जांच करवा दी जाएगी एवं लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
परसराम बिजारणियां, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, वल्लभनगर
मौका मुआयना कर मौके से गंदगी को जल्द ही हटाया जाएगी, व जलदाय विभाग से संपर्क कर पानी की कुई की सफाई कर शुद्ध जल उपलब्ध कराया जाएगा तथा पानी की प्याऊ को मौके को देखकर ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लेकर ऊपर ली जाएगी।
प्रमोद कुमार ढोली, सरपंच ग्राम पंचायत मेनार
