रजत पालकी में विराज कर तोपों की सलामी के साथ भींडर भ्रमण पर निकले नृसिंह भगवान, जयकारों से गुंजा पूरा नगर, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने भी लिया कार्यक्रम में भाग
भीण्डर। नगर के प्रसिद्व नृसिंह भगवान के प्राकटयोंत्सव नृसिंह चतुर्दशी के उपलक्ष्य में मंगलवार को चौबीसा समाज भीण्डर के तत्वावधान मंलवार सुबह 4 बजे महाकाल भक्त मंडल की ओर से भगवान के मंगला दर्शन खुले तो तोप की सलामी दी गई साथ ही भव्य आतिशबाजी की गई सुबह 10:00 बजे पंडितों द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ ठाकुर जी का महारुद्राभिषेक पाठ किये
दोहपर में 4 बजे विराट रथयात्रा निकली जो शाही लवाजमें चांदी के शेषनाग की सिंहासन में बिराजीत होकर नृसिंह भगवान की नगर भ्रमण कर निकले रथयात्रा नृसिंह मंदिर से रावलीपोल चौक सदर बाजार,मोचीवाड़ा हिंता गेट,बाहर का शहर रामपोल बस स्टेण्ड होस्पीटल रोड़,धारता रोड़ सूरजपोल बस स्टेण्ड से रघुनाथ चौक में पहुची जहा पर हिरण्यकष्यप भक्त प्रह्लाद के नाटय का मंचन हुआ शाम को करिब 7 बजे खम्ब फाड़कर भगवान नृसिंह भगवान प्रकट हुए। पुनः रथयात्रा निज धाम में पंहुची भगवान की महाआरती हुई। रथयात्रा में सबसे आगे घोड़े चल रहा था चौबीसा समाजजन व युवा नृसिंह भगवान के भजनों पर थिरकते हुए चल रहे थे।नगर की सड़कें पुष्पों से भर गई इसके बाद शेषनाग की सिंहासन में नृसिंह भगवान बिराजीत थे महिला केसरिया साड़ी में में सजधज कर चली युवतिया थिरकती रथयात्रा में चल रही थी रामलला व नृसिंह जी की झांकी थी।नृसिंह जी के जयकारों से पूरा भींडर नगर गुंज उठा रथयात्रा की सुरक्षा की चाक चोबन्ध व्यवस्था बनी रही भींडर थानाआधिकारी पुनाराम गुर्जर मय जाप्ते के साथ रहे
भीण्डर नगरवासी ने पलक पावड़े बिछाकर पुप्षवर्षा कर स्वागत किया- आराध्यदेव के स्वागत के लिये नगरवासियो एवम आसपास के भक्तो ने घण्टो तक इंतजार किया ठाकुर जी का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया
जनप्रतिनिधि भी पहुंचे कार्यक्रम में: कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, चित्तौड़गढ़ नगर परिषद पार्षद अनिल इनानी,रवि विरानी सहित जनप्रतिनिधियों ने ठाकुर जी के दर्शन किए उसके बाद चौबीसा समाज की और से मोठड़ा, व भगवान की तस्वीर स्वागत किया।
महाकाल की झांकी रही आकर्षक का केंद्र: उज्जैन महाकाल की तर्ज पर महाकाल भक्त मंडल की और से झांकी सजाई गई जो आकर्षक का केंद्र रही
oplus_0नृसिंह प्रकटोत्सव की और से समाज की महाप्रसादी का आयोजन हुआ