नृसिंह चतुर्दशी महोत्सव:नृसिंह भगवान के हुआ मस्तकाभिषेक,धराया फलों का 56 भोग भजन संध्या आज

भींडर। जिले के भींडर नगर के आराध्यदेव नृसिंह भगवान के प्राकट्य उत्सव नृसिंह चतुर्दशी महोत्सव तीन दिवसीय आगाज रविवार से हुआ भक्त प्रहलाद धर्म जागरण सेवा समिति सुंदरकांड मंडल की ओर सुबह प्रातः 8:00 बजे से नृसिंह भगवान का मस्तकाभिषेक पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोचारण के साथ हुआ दोहपर 2 बजे से मंदिर प्रांगण पर महिला सत्संग का हुआ इसमें महिलाओं ने भगवान के भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। शाम को 5 बजे से ठाकुर जी को फलों का महाप्रसाद धराया गया उसके बाद विशाल संगीतमय सुंदरकांड पाठ का हुआ। सोमवार को चतुर्दशी की पूर्व संध्या पर रात्रि 8 बजे एक शाम नृसिंह भगवान के नाम भजन संध्या होगी जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक रतन राव, भरत जोशी,देवीसिंह,नेहा वैष्णव सहित प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएगी और पूरी रात्रि कार्यक्रम चलेगा। मंगलवार सुबह 5 बजे भगवान के मंगला दर्शन खुलेंगे उसके बाद समाज के युवाओं द्वारा तोपों की सलामी और भव्य आतिशबाजी होगी सुबह 9 बजे पंडितों द्वारा महा रुद्राभिषेक के पाठ होंगे उसके बाद चौबीसा समाज भीण्डर के तत्वावधाान में शाम 4 बजे से नृसिंह भगवान रजत पालकी सिंहासन पर बैठकर नगर भ्रमण पर निकलेगे और भक्तो को दर्शन देंगे भगवान की विशाल रथयात्रा निकलेगी जो रावलीपोल, सदर बाजार,मोचीवाड़ा,हिंता गेट,बाहर का शहर,रामपोल बस स्टेण्ड,होस्पीटल रोड़,सुरजपोल चौपाटी से होते हुए रघुनाथ मंदिर पहुंचेगी जहां पर हिरणकश्यप के नांटय का मंचन होगा और भगवान नृसिंह भगवान का प्राकटयोत्सव होगा। रथयात्रा पुनः निज मंदिर धाम मे भगवान पहुंचेगेे जहां पर भगवान की महाआरती का आयोजन होगा। रथ यात्रा में चौबीसा समाज के समाजजन सजधज कर अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर सम्मिलित होंगे। वही रथ यात्रा का नगरवासी भगवान का पुष्प वृष्टि कर स्वागत कर आशीर्वाद लेंगे। मंदिर पर भव्य विद्युत सजावट सूरजपोल से लेकर मुरलीधर मंदिर तक लग गई है भगवान की रथ यात्रा को लेकर पूरे वर्ष इंतजार रहता है साथ ही ठाकुर जी का स्वागत नगरवासी पलक पांवड़े बिछाकर स्वागत करेगे।

नृसिंह चतुर्दशी पर समाज जजनों का आने का कर्म शुरू भींडर चौबीसा समाज के समाजजन व्यापार काम धंधे करने के लिए अन्य राज्यों में या अन्य शहर में और अन्य देश में भीं कही होगे तो वो नृसिंह चतुर्दशी का पर्व को मनाने के लिए खासतौर पर आयोजन पूर्व यहां आने जाने का क्रम शुरू हो चुका है