
9.30 बजे से राजसी ठाट बांट से निकली ठाकुरजी की शोभायात्रा, श्रद्धालुओं ने स्वागत हेतु बिछाए पलक पांवड़े
सुबह 9.30 बजे ठाकुरजी मंदिर प्रांगण से राजसी ठाट-बाट के साथ ठाकुरजी की शोभायात्रा निकली तो पूरा मार्ग जयकारों से गूंज उठा। शोभायात्रा रवाना होने से पूर्व मंदिर गर्भगृह से भगवान शालिग्राम जी को जयकारों व पुष्प वर्षा करते हुए रथ में विराजित किया गया, तत्पश्चात शाही लवाजमे एवं गाजे-बाजे के साथ निकली ठाकुरजी की शोभायात्रा में श्रद्धा का ज्वार उमड़ पड़ा। शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से रवाना होकर थंब चौक पहुँची, जहां बैंड बाजे पर बजते मधुर भजन सांवरिया सेठ दे दे, मंडपिया रा मालिक दे दे, थारे भरियो रे भंडार, टोटो ना पड़े रे, नैनो में तो नींद गुरआई जी पोडो मारा अंतर्यामी जी….राम आएँगे तो, अंगना सजाऊँगी, दिप जलाके, दिवाली मनाऊँगी, मेरे जन्मो के सारे, पाप मिट जाएंगे, राम आएँगे भजनों पर अपने आप को नाचने से नहीं रोक सके और खूब थिरके। साथ ही इस पल को अपने कैमरे में कैद किया और खूब आनन्द लिया। भक्तों की लाइन एक किलोमीटर तक लंबी रही, गली-गली भक्तों के जयकारों से गूंज रही थी।
शोभायात्रा में जगह-जगह भक्तों ने ठाकुरजी पर ड्रोन से पुष्प वर्षा कर स्वागत, सत्कार किया। इस दौरान पूरा परिसर चारभुजानाथ, सांवरा सेठ के जयकारों से गूंज उठा ओर पूरा माहौल धर्ममय बन गया। शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह पर ग्रामीणों व विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा श्रीफल, पुष्प वर्षा करके भगवान का स्वागत, सत्कार किया गया। श्रद्धालुओ ने ठाकुरजी के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछा दिए। वहीं महिलाओं और पुरुषों के साथ युवक-युवतियों द्वारा मेवाड़ी परिधानों में सज-धज कर भजनों पर नृत्य करने का खूब आनंद लिया। शोभायात्रा के प्रमुख मार्गों के घरों के बाहर युवतियों ने रंगोलियां बनाई गई। शोभायात्रा थम्ब चौक से स्कूल मार्ग, गणेश घाटी, हैरी, विका मेहता चौक, अंबामाता मंदिर, नीम का चौक, जवाहर नगर, आमलिया बावजी, थंब चौक होते हुए 5 घंटे बाद पुनः 2.30 बजे मंदिर प्रांगण में पहुँची। जहां पर ठाकुरजी की हज़ारो श्रद्धालुओं के बीच महाआरती हुई। आयोजन में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। खेरोदा थाने से थानाधिकारी सुरेश विश्नोई के नेतृत्व में जवान तैनात रहे।

महाआरती पश्चात दोपहर 3 बजे भगवान शालिग्रामजी को गाजे बाजे के साथ अंबामाता पंचायती नोहरे में विराजित किया गया, जहाँ भक्तो ने ठाकुरजी का आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात नोहरे में महाप्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें मेनार सहित आसपास के गांवो रुण्डेड़ा, वाना, बांसड़ा, खेरोदा, बाठरड़ा खुर्द, खरसान, भटेवर, इंटाली, निलोद, रोहिड़ा, गवारड़ी, फतहनगर, चौकड़ी, चौरवड़ी, करजाली, हरियाखेड़ी एवं चित्तौड़गढ़, मेवाड़, मालवा के करीब 10 हज़ार से ज्यादा भक्तगणों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
advertisement




