मेनार में श्रीराम दरबार और 12 ज्योतिर्लिंग स्थापना, मन्दिर स्वर्ण कलश, ध्वजादंड स्थापना प्रतिष्ठा का हुआ अभिजीत मुहूर्त में समापन

मेवाड़ी खबर@ वल्लभनगर। उपखंड क्षेत्र के मेनार में धण्ड तालाब की पाल पर स्थित मंशापूर्ण कमलनाथ महादेव जी के समीप बने श्रीराम मंदिर में श्रीराम दरबार और 12 ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा एवं श्रीराम मन्दिर पर स्वर्ण कलश, ध्वजादंड स्थापना को लेकर महादेव मंदिर प्रांगण में चल रहे छ: दिवसीय कार्यक्रम का सोमवार को विधि विधान से प्रतिष्ठा समारोह का समापन हुआ। इसके साथ ही श्रीराम दरबार मंदिर व महादेव मंदिर पर स्वर्ण कलश, ध्वजादंड प्रतिष्ठा समारोह में एक कुंडीय श्रीराम महायज्ञ अनुष्ठान पश्चात शुभ अभिजीत मुहूर्त में श्रीराम शिखर मंदिर व महादेव मंदिर पर विधिविधान के साथ स्वर्ण कलश, ध्वजादंड, श्रीराम दरबार व 12 ज्योतिर्लिंग की प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान श्रीराम, महादेव जी, हनुमानजी, माता सीता, 12 ज्योतिर्लिंग का आशीर्वाद प्राप्त करने व इस पल को देखने के लिए हज़ारों श्रद्धालुओं का आस्था का सैलाब उमड़ा। चहुँ ओर हर श्रद्धालु भगवान के भक्ति के रंग डूबा दिखा। पुष्प वर्षा कर भगवान के स्वागत में श्रद्धालुओं ने पलक पावंडे बिछा दिए।

स्वर्णकलशारोहण के दौरान ग्रामीणों ने 11 बंदूकों से सलामी दी, वही समस्त ग्रामवासियों द्वारा राम दरबार, महादेव जी एवं हनुमानजी का फूलों, इन्त्र, केसर से आकर्षक श्रृंगार किया गया। कार्यक्रम में वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, वल्लभनगर प्रधान देवीलाल नंगारची सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी मेहमानों का ग्रामीणों ने तिलक, उपरणा के साथ स्वागत किया।

मूर्तियों के न्यास, हुआ पिंडी का होम

पंडित आचार्य अंबालाल शर्मा के सानिध्य में श्रीराम महायज्ञ में प्रातः उत्थापन के साथ गणपति पूजन, आवाहित एवं स्थापित देवता पूजन, मूर्तियों के न्यास, पिंडी का होम, प्रधान हवन में यजमानों द्वारा आहुतियां देने का क्रम जारी रहा। तत्पश्चात विधिविधान से पंडित द्वारा मंत्रोच्चार के साथ अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12.15 बजे कलशारोहण एवं ध्वजदंडारोहण, श्रीराम दरबार राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमानजी एवं 12 ज्योतिर्लिंग की प्राण-प्रतिष्ठा एवं मंदिर पर कलशारोहण की स्थापना हुई। तत्पश्चात श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति, महाआरती एवं महाप्रसाद का आयोजन हुआ।

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अभिजीत मुहूर्त में हुआ स्वर्णकलशारोहण

श्रीराम दरबार और 12 ज्योतिर्लिंग प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत दोपहर अभिजीत मुहूर्त 12.15 बजे पंडित अम्बालाल शर्मा के नेतृत्व में 5 पंडितों द्वारा मंत्र वाचन के साथ श्रीराम दरबार की स्थापना, 12 ज्योतिर्लिंग स्थापना, मंदिर पर तोरण पर कलश, दर्शक मंडप व मुख्य शिखर मंदिर व महादेव मंदिर पर स्वर्ण कलशारोहण, महाध्वज दंडारोहण की स्थापना की गई, साथ ही ध्वजा परिवर्तन की गई। इस दौरान भक्तों द्वारा स्वर्ण कलश की स्थापना समय पर ड्रोन से पुष्प वर्षा की, तो हर तरफ श्रीराम, महादेव जी, हनुमानजी के जयकारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। इसके पश्चात पंडित के निर्देशानुसार महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं महाआरती हुई, तत्पश्चात विसर्जन एवं विश्वशांति महायज्ञ के साथ तीन दिवसीय एक कुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ का महाप्रसाद के साथ समापन हुआ। इस प्राण प्रतिष्ठा के अंतिम दिन आसपास के गांवो से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन करके खुशहाली की कामनाएं की। अंत में महाप्रसादी में हजारो की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रतिष्ठा में रुण्डेड़ा, वाना, खरसान, खेरोदा, बाठरड़ा खुर्द, बांसड़ा, रोहिड़ा, ईंटाली, फतहनगर, उदयपुर, विजयपुरा, वल्लभनगर, चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, गवारड़ी, चौरवड़ी, चौकड़ी, निलोद, नवानिया एवं मालवा, एमपी बारा भुंगावटी गाँवो से हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीराम दरबार मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापना की बोली 1,71,000 रुपये छुट्टी

ग्रामीणों ने बताया कि श्रीराम दरबार मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापना 1,71,000 अम्बालाल रूपावत, श्रीराम दरबार मूर्ति स्थापना 1,07,000 शंकरलाल पुंडरोत, श्रीराम मंदिर पर ध्वजादंड स्थापना 51000/- चंद्रशेखर, बालमुकुंद दियावत, श्रीराम दरबार महाआरती 11000 कन्हैयालाल मन्द्रावत, श्रीराम दरबार बाल महाभोग 5500 मोहनलाल मन्द्रावत, राम दरबार डोरा फेरना 2100 रुपये दुर्गाशंकर दियावत, श्रीराम दरबार चवर एक पर 5000 रुपये सुरेश चंद्र दियावत, श्रीराम दरबार चवर दो पर 7000 रू. रमेश चंद्र सांगावत के नाम अंतिम बोलियां छुट्टी।
अम्बालाल रूपावत, ओंकारलाल भलावत ने बताया कि इसी के साथ श्री महादेव मंदिर सभामंडप पर स्वर्ण कलश 25000 रू. रमेश/रूपलाल दियावत (इंदौर), 12 ज्योतिर्लिंग महाआरती 7500 रु. शा. शि. शान्तिलाल हीरावत, 12 ज्योतिर्लिंग की चवर एक पर 5100 कमलाशंकर दियावत, 12 ज्योतिर्लिंग की चवर दो पर 2100 राधेश्याम लुणावत, 12 ज्योतिर्लिंग डोरा फैरना : 5500 रु. हुक्मीचंद कमावत एवं 12 ज्योतिर्लिंग भोग 5100 रूपये मोहनलाल लुणावत के नाम अंतिम बोलियां छुट्टी।