मेवाड़ी खबर@भींडर।
भींडर नगर को धर्म की नगरी कहा जाता है, और यहां पर विभिन्न मंदिर हैं। लेकिन गणपति जी का मात्र एक मंदिर है, जो रावलीपोल चौक में स्थित है और लगभग जानकारी के अनुसार 400 वर्षों से बिराजमान है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पौराणिक मान्यता के अनुसार श्रद्धालु सच्चे मन से गणपति जी की समक्ष अपनी कोई भी मनोकामना मांगता हे तो गणपति जी उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। मंदिर पर प्रतिदिन दोनों समय की आरती होती है, और प्रत्येक बुधवार के दिन विशेष श्रृंगार होता है इस मंदिर पर प्रतिदिन दोनों समय की आरती होती हे और प्रत्येक बुधवार के दिन विशेष श्रृंगार होता है और भक्तजन दर्शन करने के लिए आते हैं। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर पर भव्य विद्युत सजावट एवं गुब्बारों से मंदिर को सजाया जाएगा , और शाम को विशेष महाप्रसाद का वितरण होगा पूरे दिन भक्तों का दर्शनों के लिए रेलमपेल लगा हुआ रहता हे।नगर वासियों के मांगलिक कार्यक्रमों में प्रथम निमंत्रण गणपति जी को देने की परंपरा बहुत पुरानी है और यह शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
