उदयपुर का “मेनार” बना अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त रामसर साइट

मेवाड़ी खबर@उदयपुर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदयपुरवासियों के लिए आज का दिन गर्व से भरा है। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी साझा की है कि मेनार (उदयपुर) को अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड्स की सूची — रामसर साइट्स — में शामिल किया गया है।

राजस्थान से फलोदी का खीचन और उदयपुर का मेनार — ये दो नए स्थल भारत की वेटलैंड विरासत में जुड़े हैं। इस घोषणा के साथ भारत में अब कुल 91 रामसर साइट्स हो गई हैं।

मेनार झील, जिसे ‘बर्ड विलेज’ के नाम से भी जाना जाता है, पक्षीप्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए विशेष महत्व रखती है। यहां स्थानीय समुदाय द्वारा पक्षियों के संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को अब वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण बताया और राजस्थान, विशेषकर उदयपुर के लोगों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

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यह सम्मान न केवल मेनार गांव के लिए, बल्कि पूरे उदयपुर और मेवाड़ क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

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