4 घंटे धरने के बाद कानोड़ पुलिस ने किया पार्षद पति को डिटेन,महानरेगा जेटीए के साथ मारपीट को लेकर गरमाया माहौल
कानोड़। नगरपालिका कानोड़ में महात्मा गांधी शहरी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ तकनीकी सहायक जयराम मीणा एवं पार्षद पति अल्ताफ बागवान के बीच हुआ विवाद थाने तक पहुंचा जिसके बाद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने पार्षद पति को डिटेन कर कानोड़ थाने से अनुसंधान के लिए वल्लभनगर ले गये।
गुरुवार देर रात्रि को सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं ऑफिस में फाइलों के साथ छेड़छाड़ व ले जाने एवं जातिसूचक गाली गलौज करते हुए मारपीट करने का मामला पार्षद पति अल्ताफ बागवान के खिलाफ कानोड़ थाना पुलिस ने दर्ज किया जिसके बाद देर रात्रि में महानरेगा जेटीए जयराम मीणा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कानोड़ में मेडिकल करवाया गया। शुक्रवार सुबह इस घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा , जनता सेना के पार्षदों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ ही महानरेगा योजना अंतर्गत कार्य करने वाली महिला श्रमिकों का नगरपालिका कार्यालय सुबह 9 बजे से पहुंचना शुरू हुआ जिन्होंने नगरपालिका कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जो कि दोपहर 1.20 बजे पार्षद पति अलताफ बागवान की गिरफ्तारी के साथ समाप्त हुआ।
सुबह 9 बजे धरना प्रदर्शन शुरू हुआ जिसकी सूचना मिलते ही कानोड़ थाना अधिकारी मनीष खोईवाल सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा धीरे-धीरे धरना स्थल पर लोगों की संख्या बढ़ती गई धरना स्थल पर उपस्थित महिलाओं व जनप्रतिनिधियों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पार्षद पति को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए जिसके बाद कानोड़ तहसीलदार मोबिन मोहम्मद, भींडर थाना अधिकारी पुनाराम गुर्जर सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच। उपखंड अधिकारी मोनिका जाखड़, वल्लभनगर डिप्टी रविंद्र प्रताप सिंह धरना स्थल पर पहुंचे तथा जनप्रतिनिधियों ,महिला श्रमिकों से वार्ता कर उन्हें विश्वास दिलाया कि आप की मांग पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी और आरोपियों को नहीं बख्शा जाएगा लेकिन महिलाएं व मौजूद लोग इस बात पर नहीं माने उन्होंने मांग रख दी कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक हम नगरपालिका कार्यालय पर ही रहेंगे इसके बाद महिलाएं नगरपालिका परिसर में धरने पर बैठ गई मामला बढ़ता देख पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षद पति अल्ताफ बागवान को डिटेन किया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। धरना स्थल पर उपस्थित लोगों ने उपखंड अधिकारी के समक्ष मांग रखी कि पार्षद सोनिया बागवान को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए क्योंकि इस प्रकार सरकारी कर्मचारियों को डराना धमकाना उनके कार्य में बाधा डालना सरासर गलत है इस आशय का ज्ञापन भी पुलिस महानिदेशक ,मुख्यमंत्री, जिला पुलिस अधीक्षक के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष नगर पालिका दीपक शर्मा ,पार्षद पारस नागोरी , राजकुमारी कमरिया, लोकेश पुरोहित ,भवानी सिंह चौहान, प्रकाश लक्षकार,भाजपा मंडल अध्यक्ष अनूप श्रीमाली ,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा,जनता सेना राजस्थान सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक कोमल चंद कामरिया, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष महावीर दक, भगवती लाल शर्मा, बजरंग सेना कार्यकर्ता , महानरेगा महिला पुरुष श्रमिक सहित सैकड़ों महिला पुरुष उपस्थित रहे।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट अनुसार गुरुवार सुबह 11.21 बजे नगर पालिका द्वारा बनाए गए महानरेगा कार्यालय पर पार्षद पति अल्ताफ बागवान एवं महानरेगा योजना अंतर्गत कार्यरत जेडीए जयराम मीणा के बीच मारपीट कर आरोप लगाया गया कि कार्यालय से कुछ फाइलें भी पार्षद पति अपने साथ लेकर गया है। जिसके बाद रात्रि करीब 9:00 बजे पार्षद पति अलताफ बागवान के निवास पर जेटीए फाईले लेने के लिए पहुंचा इस दौरान एक बार फिर जातिगत गाली गलौज एवं मारपीट की घटना हुई। इस दौरान स्टांप पेपर पर भी डरा धमका कर हस्ताक्षर करवाने की रिपोर्ट दी गई है जिस पर कानोड़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच वल्लभनगर डिप्टी रविंद्र प्रताप सिंह कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधि बोले:-
जो भी व्यक्ति कानुन अपने हाथ में लेगा और गलत करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी चाहे वह मेरा रिश्तेदार भी क्यों ना हो।